
नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने बुधवार को 4000 तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों को छोड़ने का आदेश दिया है। उनके क्वारंटीन का टाइम पूरा हो चुका है। जमात के लोग अब अपने घर जा सकेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं और सभी का क्वारंटीन पीरियड भी समाप्त हो चुका है।
जिन पर केस, उनके खिलाफ होगा एक्शन
सत्येंद्र जैन ने कहा, इन जमातियों में से जिन पर भी मुकदमा है उन पर दिल्ली पुलिस ऐक्शन ले। जैन ने कहा कि इन लोगों को पुलिस हिरासत में भेजा जाए और बाकियों को अपने-अपने घर जाने दिया जाए।
एसीपी ऑफिस में तैनात हेड कांस्टेबल कोरोना पॉजिटिव, दफ्तर सील
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी एसीपी ऑफिस में तैनात दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। 2 दिन पहले हेड कांस्टेबल की रिपोर्ट आई थी। अब एसीपी दफ्तर को बंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मी घर से काम कर रहे हैं।
1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात में हुआ था जलसा
निजामुद्दीन में 1 से 15 मार्च तक तब्लीगी जमात मरकज का जलसा था। यह इस्लामी शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हुए जलसे में देश के 11 राज्यों सहित इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से भी लोग आए हुए थे। यहां पर आने वालों की संख्या करीब 5 हजार थी।
जलसा खत्म होने के बाद 2 हजार लोग मरकज में ही थे
जलसा खत्म होने के बाद कुछ लोग तो लौट गए, लेकिन लॉकडाउन की वजह से करीब 2 हजार लोग तब्लीगी जमात मरकज में ही फंसे रह गए। लॉकडाउन के बाद यह इकट्ठा एक साथ रह रहे थे। तब्लीगी मरकज का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार प्रशासन को बताया कि उनके यहां करीब 2 हजार लोग रुके हुए हैं। कई लोगों को खांसी और जुखाम की भी शिकायत सामने आई। इसी दौरान दिल्ली में एक बुजुर्ज की मौत हो गई। जांच हुई तो पता चला कि वह कोरोना संक्रमित था और वहीं निजामुद्दीन में रह रहा था। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
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