
Nehru Memorial Museum and Library: नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलकर अब प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (PMML) कर दिया गया है। मंगलवार को इसका अधिकारिक ऐलान किया गया। केंद्र सरकार के नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नेहरू जी की पहचान उनके कर्म हैं, उनका नाम नहीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिनका कोई इतिहास नहीं है, वह दूसरों का इतिहास बदल रहे हैं।
जून महीना में केंद्रीय कमेटी ने नाम बदलने का लिया था निर्णय
जून महीना में हुई एक विशेष बैठक के दौरान दिल्ली के नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदल दिया गया। अब इसे प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के नाम से जाना जाएगा। नाम बदलने के लिए हुई मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। वे इस सोसाइटी के उपाध्यक्ष हैं। नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। इसके 29 सदस्यों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, जी किशन रेड्डी, अनुराग ठाकुर शामिल हैं।
2016 में पीएम मोदी ने दी थी मंजूरी
2016 में ही पीएम मोदी ने सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित एक म्यूजियम स्थापित करने का विचार रखा था। यह परियोजना अब पूरी हो गई और बीते 21 अप्रैल 2022 को इसे जनता के लिए ओपन कर दिया गया। इस म्यूजियम को अपडेट किया गया है। यह नेहरू संग्रहालय भवन से शुरू होता है जो पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन और योगदान पर तकनीकी तौर से फोकस करता है। संस्कृति मंत्रालय ने 16 जून को प्रेस रिलीज में बताया तीन मूर्ति भवन, जहां NMML स्थित है। यहां नेहरू सहित भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को प्रदर्शित करने वाला प्रधानमंत्री संग्रहालय भी है। पहले इस संग्राहालय का नाम नेहरू मेमोरियल म्यूजियम व लाइब्रेरी था, अब इसे बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.