
नई दिल्ली. सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद गुरुवार को उनकी अध्यक्षता में पहली बैठक हुई। बैठक में आर्थिक मंदी को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनी। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि आर्थिक मंदी के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ 15-25 अक्टूबर के बीच देश भर में पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी।
बैठक में सोनिया के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, एके एंटनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम नेता मौजूद रहे। बैठक में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनाव के बारे में भी चर्चा हुई। हालांकि, इस अहम बैठक में राहुल गांधी नजर नहीं आए।
इसलिए नहीं बुलाए गए राहुल गांधी
राहुल गांधी के बैठक में मौजूद न रहने को लेकर जब कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस बैठक में महासचिव, प्रभारी महासचिव, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेताओं को भी बुलाया गया था। दरअसल, राहुल गांधी 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। उन्होंने 25 मई को लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।
सोनिया ने पार्टी नेताओं को दी नसीहत
सोनिया गांधी ने आर्थिक मंदी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। सोनिया ने कहा कि भाजपा जनादेश का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को भी नसीहत दी। सोनिया ने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना और गुस्सा दिखाना काफी नहीं है। नेतादगा।ओं को लोगों के पास सीधे तौर पर जाना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को इससे पहले कभी इतना खतरा नहीं था।
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