Opinion: मोदी ने जो 1 साल में किया, वो सरकारें दशकों तक नहीं कर पाईं

Published : May 30, 2020, 09:56 AM ISTUpdated : Nov 20, 2024, 09:17 PM IST
Opinion: मोदी ने जो 1 साल में किया, वो सरकारें दशकों तक नहीं कर पाईं, कोरोना काल में वैश्विक नेता बने

सार

इस समय पूरी दुनिया के साथ भारत भी चीन से निकलने वाले कोरोना वायरस से लड़ रहा है। वहीं, आज 30 मई को नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक साल भी पूरा हो रहा है। पिछले साल 30 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी। 

राजीव चंद्रशेखर (राज्यसभा, सांसद). इस समय पूरी दुनिया के साथ भारत भी चीन से निकलने वाले कोरोना वायरस से लड़ रहा है। वहीं, आज 30 मई को नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक साल भी पूरा हो रहा है। पिछले साल 30 मई को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी। वे इतने कम समय में अपने कामों के जरिए लोगों का दिल जीतने वाले वे इकलौते नेता हैं। 

उन्हें जनता ने स्पष्ट बहुमत देकर जिताया। तीन दशक में पहली बार एक नेता या पार्टी को इतना प्रचंड बहुमत मिला। लोकसभा चुनाव में करीब 61 करोड़ मतदाताओं में जमकर वोट किया। यह उनकी सशक्त लीडरशिप और मेहनत की लोगों ने जमकर सराहना की है। हालांकि दिल्ली के कुछ विशेष वर्गों और विरोधी पार्टियों ने उनकी छवि खराब करने के लिए कई तरह के अभियान चलाए लेकिन उनके चाहने वालों की संख्या कम नहीं कर पाए। 

कर्नाटक से मिला अपार समर्थन
कर्नाटक के लोगों ने 28 में से 25 सीटों पर भाजपा को जिताकर उनके काम का स्वागत किया। वहीं, देश के विभिन्न राज्यों में भी लोगों ने भाजपा को जिताकर उनके काम की प्रशंसा की और विरोधी दलों के छवि खराब करने के साजिशों पर मिट्टी डाल दी। पीएम मोदी ने अपना दूसरा कार्यकाल साफ विजन के साथ शुरू किया। राष्ट्रपति के द्वारा पीएम मोदी के कामों की सूचि का उल्लेख किया गया।

Ad3

इस नए संकल्प के साथ भारत को आगे ले जाना है। जिससे ग्रामीण भारत को अधिक बल मिले और शहरी भारत भी अधिक सशक्त हो सके।
-इस नए विचार के साथ आगे बढ़ने पर नए व्यापार की शुरुआत के साथ सफलता की नई ऊंचाई को छुएगा और यंग इंडिया का सपना भी पूरा हो सकेगा।
-नए भारत के इस विचार के साथ देश के सिस्टम में अधिक पारदर्शिता होगी और ईमानदार भारतीयों को विकास के नए अवसर मिलेंगे।
-इस नए विचार के साथ भारत में 21वीं सदी का इन्फ्रास्ट्रक्चर नई ऊंचाइयों तक जाएगा और जरूरत के सामान का भारत में निर्माण किया जाएगा। 


ऐसे कठोर फैसले लिए, जिनका नाम लेने से सरकारें डरती थीं
पीएम नरेंद्र मोदी ने जो काम मात्र एक साल में कर दिखाए, वह दूसरी पार्टी दशकों तक न कर सकीं। मोदी सरकार ने एक साल में धारा 370 को खत्म करना, लद्दाख को नया राज्य बनाना, नागरिकता संशोधन एक्ट, राम मंदिर निर्माण का फैसला, माफियाओं के खिलाफ अभियान, आईबीसी संशोधन, आतंकवाद विरोधी कार्यवाही, अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ऐतिहासिक मुलाकात जैसे अहम फैसले लिए। सरकार ने अपने बिना कोई समय बर्बाद किए अपने सभी वादे पूरे किए। वहीं अगर फॉरेन डायरेक्ट इंनवेस्टमेंट की बात करें तो 50 बिलियन यूएस डॉलर से भी अधिक रहा। 


इस साल के शुरू होने से पहले ही देश कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रहा है ऐसे में फैसले लेना और भी अहम हो जाते हैं। यह महामारी सरकार और लोगों के लिए एक चुनौती बन गई है। कोरोना महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर अस्थाई रूप से गहरा प्रभाव डाला है। इसके कारण आने वाले 5 साल के लिए जो आर्थिक विकास की योजनाएं तय की गईं थी, उन पर काफी प्रभाव पड़ेगा। 

कोरोना से जंग में वैश्विक नेता साबित हुए पीएम मोदी
इस महामारी के दौर में भी मोदी सरकार लगातार काम कर रही है। मोदी सरकार का कहना है कि देश के हर नागरिक के साथ मिलकर इस महामारी को भी मात देंगे। मोदी सरकार की लीडरशिप में 140 करोड़ देशवासियों ने लॉकडाउन जैसे कठिन समय को धैर्य के साथ काट लिया। हालांकि लॉकडाउन उतना आसान नहीं था, लेकिन जरूरी भी था। कुछ राज्यों में मेडिकल की सुविधाओं को बढ़ाने और सुनिश्चित करने में समय की जरूरत रही लेकिन सही जानकारी और जागरूकता को फैलाकर महामारी से लड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। लॉकडाउन जैसे कठिन समय में भी पीएम मोदी ने किसी असामान्य व्यक्ति की तरह बिना थके रुके और आराम किए लगातार देश की व्यवस्था को संभाला। इस कठिन समय में पीएम मोदी ने दिन रात लगातार हैल्थकेयर एक्सपर्ट, ब्यूरोक्रेट्स, मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, वैश्विक नेताओं से बातचीत की। 

कोरोना महामारी के वक्त पीएम की मेहनत प्रेरणादायक
वहीं लगातार मीडिया के जरिए देश के लोगों से जुड़े रहे और उन्हें जागरूक किया। कोरोना महामारी के दौरान उनकी इतनी मेहनत प्रेरणादायक है। कोरोना जैसी खतरनाक महामारी के दौरान भी पहले चरण में जो फैसले पीएम मोदी द्वारा लिए गए वह पूरी तरह कारगर साबित हुए। इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशान होने वाले गरीब लोगों के लिए सरकार ने तुरंत आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। 




जेडीवाई, पीएम गरीब कल्याण योजना, पीडीएस और पीएम किसान योजना के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों और आर्थिक रूप से परेशान लोगों के लिए मदद भी सीधे खातों में पहुंचाई गई। डिजिटल मीडिया के द्वारा भी करोड़ो लोगों को अपनी जानकारी और व्यापार को शुरू करने में मदद मिली। पीएम मोदी को द्वारा शुरू किया स्वच्छ भारत अभियान से भी लोगों को स्वास्थय और हाईजीन के बारे अवेयरनेस मिली। पहले से शुरू की गई योजनाएं जैसे उज्जवला योजना, जनऔषधि योजना, पीएम आयुष्मान योजना से भी करोड़ों लोगों को लॉकडॉउन में लाभ मिला। सरकार की लॉकडाउन में भी जरूरी ट्रेनें शुरू करवाने वाली योजना से लोगों को अपने घर जाने में मदद मिली। यह फैसले पिछली किसी सरकार में लिए जाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। 

हजारों भारतीयों की वतन वापसी
मोदी सरकार के वंदे भारत मिशन के तहत विदेश में फंसे हजारों भारतीय लोगों को देश आने का मौका मिला। पिछले पांच साल में फाइंनेशियल और बैंक सेक्टर पर लगातार ध्याना देने का ही नतीजा है कि अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगने के बाद भी छोटे बिजनेसेस खड़े हैं। पूरी दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना महामारी के कारण मृत्यु दर कम होने के दो ही कारण हैं एक तो नरेंद्र मोदी का कुशल नेतृत्व और उनके द्वारा लाई गई योजनाएं। पीएम मोदी के फेडरल स्ट्रक्चर के साथ किए गए वादे और राज्य सरकारों के साथ बातचीत के आधार पर फैसले लिए गए और पॉलिसी बनाई गईं, जिसके आधार पर कोरोना महामारी को मात देने में मदद मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ लोगों को इसके लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। भारत जैसे बड़े डेमोक्रेटिक देश में लोगों को बिना दिक्कतों का सामना किए इस तरह की महामारी से लड़ने का श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है।




अभी कई चुनौतियां बाकी
हालांकि अभी हमारे लिए काफी चुनौतियां जैसे कि अर्थव्यस्था, व्यापार, नौकरियां और जीवनस्तर सुधार बचे हुए हैं। पीएम मोदी के द्वारा घोषित किए गए 20 लाख करोड़ के पैकेज से छोटे विजनेस, गरीबों और किसानों में आत्मविश्वास पैदा करेगा। जिससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद मिलेगी। कोरोना महामारी के समय चीन और पाकिस्तान जैसे ताकतों को जो बॉर्डर पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं, को भी पीएम मोदी द्वारा साफ जवाब दिया गया है। कोरोना महामारी के संकेत अभी भी दिख रहे हैं और पिछले साल की तरह इस साल भी सशक्त लीडरशिप की जरूरत है जिसके लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। वहीं पीएम मोदी के विजन आत्मनिर्भर भारत से भी यह साफ दिखाई देता है भारत एक उज्जवल भविष्य की तरफ बढ़ रहा है। पीएम मोदी के काम और फैसलों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने महामारी के समय मेनेजमेंट में पूरी दुनिया को लीड किया है। वहीं सरकार का विजन है कोरोना के बाद इकॉनमी रिकवरी में भी भारत दुनिया को लीड करे। यह सभी काम मोदी सरकार ने केवल एक साल में कर दिखाए। देश के ऐसे ही उज्जवल भविष्य के लिए जुड़े रहें मोदी सरकार से और आप देखेंगे कि भारत में सबका साथ सबका विकास मात्र एक नारा नहीं रह जाएगा बल्कि यह हकीकत हो जाएगा। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

भारत आने वाले हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप! जानें कब
DRDO का 'अन्वेष' लॉन्च, ISRO ने एक साथ 16 पेलोड स्पेस में भेजे