
नई दिल्ली. लद्दाख में जारी तनाव के बीच भारत और चीन के सैन्य अफसरों के बी 4 घंटे तक मीटिंग हुई। हालांकि इस मीटिंग का भी कोई खास नतीजा नहीं निकला। यह बैठक उसी जगह पर हुई, जहां दोनों देशों के जवान एक दूसरे से कुछ ही मीटर की दूरी पर हैं।
वहीं दूसरी तरफ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिपेंस स्टाफ यानी सीडीएस जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अलावा सेना प्रमुखों से मुलाकात की। बैठक में लद्दाख विवाद पर चर्चा हुई।
7 सितंबर से जारी है बैठकों का दौर
बैठकों का दौर तब शुरू हुआ, जब चीन ने भारतीय इलाके पर कब्जे की कोशिश की। लेकिन भारतीय सेना ने चीन की कोशिश को नाकाम साबित कर दिया। इसके बाद 7 सितंबर से बैठकों का दौर शुरू हो गया।
भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की भी हुई बैठक
भारत और चीन में चल रहे सीमा विवाद के बीच गुरुवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच 2 घंटे चली यह बैठक रूस की राजधानी मॉस्को में एससीओ के इतर हुई। इस दौरान एक बार फिर भारत ने चीन को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा की यथास्थिति में किसी को बदलाव की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा भारत और चीन के बीच सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए 5 पॉइंट्स पर भी सहमति बनी है।
मोदी सरकार ने ऐसा क्या किया की चीन को झुकना पड़ा था
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