क्या संसद में कुत्ता ले जाना अपराध है? रेणुका चौधरी विवाद के बाद जानिए नियम

Published : Dec 01, 2025, 02:22 PM IST
renuka chowdhury dog controversy

सार

Parliament Winter Session Dog Controversy: कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी द्वारा संसद परिसर में कुत्ता लाए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। संसद नियमों के अनुसार पालतू जानवरों का प्रवेश प्रतिबंधित है, इसे सुरक्षा और आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है।

Parliament Pet Entry Rules India: संसद का विंटर सेशन 1 दिसंबर को शुरू हुआ और पहले ही दिन माहौल गरम हो गया, वजह बनी कांग्रेस की सीनियर सांसद रेणुका चौधरी, जो लोकसभा परिसर में एक कुत्ता लेकर पहुंचीं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल होते ही मामला विवाद के केंद्र में आ गया। सरकार ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई तो विपक्ष की तरफ से भी बयानबाजी शुरू हो गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सांसद, संसद में कुत्ता लेकर जा सकते हैं? क्या यह नियमों का उल्लंघन है? क्या यह अपराध माना जाता है? आइए जानते हैं संसद के नियम क्या कहते हैं और इस विवाद ने राजनीतिक हलचल क्यों बढ़ा दी..

काटेगा नहीं… जो काटते हैं वो संसद में बैठे हैं- रेणुका चौधरी

जब पत्रकारों ने सांसद रेणुका से पूछा कि वे संसद परिसर में कुत्ता क्यों लाईं, तो रेणुका चौधरी ने तीखे अंदाज़ में जवाब दिया और कहा, 'ये तो इतना छोटा सा कुत्ता है, किसी को काटेगा नहीं… जो काटते हैं वो अंदर संसद में बैठे हैं!' उन्होंने आगे कहा कि सरकार को जानवरों से दिक्कत है और यह पूरा मामला गैर-जरूरी रूप से बड़ा बनाया गया है। चौधरी ने बताया कि वह रास्ते में थीं, तभी एक स्कूटर और कार की टक्कर दिखी और यह छोटा पप्पी सड़क पर भटक रहा था। उन्हें लगा कि गाड़ी से कुचल सकता है, इसलिए वे उसे कार में रखकर संसद पहुंच गईं और बाद में उसे वापस घर भेज दिया।

क्या सरकार के पास करने को कुछ नहीं?- कांग्रेस सांसद

रेणुका चौधरी ने ANI से कहा, 'हम एक मूक जानवर की मदद करते हैं और यह बड़ा मुद्दा बन जाता है। क्या सरकार के पास कोई और काम नहीं है?' उन्होंने कहा कि असली मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार छोटी बातों को विवाद का रूप दे रही है।

 

 

क्या संसद में कुत्ता ले जाना अपराध है?

संसद में कुत्ता या कोई भी पालतू जानवर ले जाना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। हालांकि इसे IPC या किसी अलग कानून के तहत क्रिमिनल ऑफेंस के रूप में दर्ज नहीं किया जाता, लेकिन यह संसद की सिक्योरिटी, मर्यादा और आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में संसद की सुरक्षा शाखा या लोकसभा सचिवालय कार्रवाई कर सकता है, चेतावनी दी जा सकती है और इसे ऑफिशियल ब्रिच माना जाता है।

संसद के कौन-कौन से नियम कहते हैं कि पालतू जानवर लाना गलत है?

1. संसद भवन परिसर: व्यवहार और आचरण से जुड़े नियम

संसद परिसर में प्रवेश को लेकर बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू हैं। यहां वही व्यक्ति, वाहन और सामग्री अंदर जा सकती है, जिन्हें अधिकृत किया गया हो या जिन्हें सुरक्षा मंजूरी प्राप्त हो। पालतू जानवरों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन नियमों की निगरानी और पालन कराने की ज़िम्मेदारी संसद की सिक्योरिटी ब्रांच संभालती है। इन निर्देशों का मकसद संसद भवन की सुरक्षा, व्यवस्था और गरिमा को बिना किसी व्यवधान के बनाए रखना है।

2. लोकसभा हैंडबुक फॉर मेंबर्स

लोकसभा के सदस्यों के लिए जारी इस आधिकारिक हैंडबुक में स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि कोई भी वस्तु, जीवित प्राणी या ऐसी सामग्री जिसे सुरक्षा, अनुशासन या सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाला माना जाए, उसे परिसर में ले जाना मना है। इसमें पालतू जानवर भी स्वाभाविक रूप से शामिल हैं। हर सांसद के लिए इस हैंडबुक में दर्ज नियमों का पालन करना पूरी तरह अनिवार्य है।

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला