
नई दिल्ली: अमेरिका से गैरकानूनी रूप से गए भारतीयों को वापस भेजने के मामले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में सफाई दी। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अमेरिका द्वारा भारतीयों को वापस भेजना कोई नई बात नहीं है। 2009 से ही ऐसा होता आ रहा है। भारतीयों को हाथ-पैर में बेड़ियाँ डालकर वापस भेजने के तरीके पर हुए विवाद के बाद विदेश मंत्री ने यह सफाई दी।
गैरकानूनी रूप से रह रहे लोगों को वापस लेना भारत की ज़िम्मेदारी है। महिलाओं और बच्चों को छोड़कर बाकियों को बेड़ियाँ डाली गई थीं। गैरकानूनी तरीके से लोगों को भेजने वाले एजेंटों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया। रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि भारतीयों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों किया गया? कांग्रेस ने पूछा कि अमेरिकी जेलों में कितने भारतीय हैं? कोलंबिया जैसे छोटे देश ने विरोध किया, भारत क्यों नहीं कर रहा?
संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका से भारत आने पर भी भारतीयों का अपमान किया गया। हरियाणा सरकार ने उन्हें जेल की गाड़ियों में भेजा। जॉन ब्रिटास ने पूछा कि क्या पहले भारतीयों को सैन्य विमानों से लाया जाता था? शिवसेना ने पूछा कि क्या नरेंद्र मोदी इस मुद्दे को उठाएंगे? इस पर राज्यसभा में हंगामा हुआ। विदेश मंत्री ने कहा कि 104 लोगों के वापस आने की जानकारी थी। भारत ने विमान को उतरने की अनुमति दी थी। लौटे लोगों से एजेंटों की जानकारी ली गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले कभी सैन्य विमान नहीं भेजा गया था। इस पर विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.