महाशिवरात्री पर सद्गुरू के साथ करें 'मिडनाइट मेडिटेशन', आदियोगी दिव्य दर्शन सहित इन कार्यक्रमों का भी लें आनंद

Published : Mar 08, 2021, 07:07 PM ISTUpdated : Mar 09, 2021, 08:29 AM IST
महाशिवरात्री पर सद्गुरू के साथ करें 'मिडनाइट मेडिटेशन', आदियोगी दिव्य दर्शन सहित इन कार्यक्रमों का भी लें आनंद

सार

11 मार्च को महाशिवरात्री है इसी उपलक्ष्य में ईशा योग सेंटर महाशिवरात्रि के दिन भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। पहली बार, इस कार्यक्रम में प्रतिभागी ऑनलाइन भी शामिल होंगे।

नेशनल डेस्क. भारत में सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण पवित्र त्योहार महाशिवरात्री को लेकर देशभर में धूम मची हुई है। देश के कोने-कोने में कांवड़ियां अपनी कांवड़ लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। 11 मार्च को महाशिवरात्री है इसी उपलक्ष्य में ईशा योग सेंटर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।

पहली बार, इस कार्यक्रम में प्रतिभागी ऑनलाइन भी शामिल होंगे क्योंकि ईशा में COVID प्रोटोकॉल के कारण ज्यादा लोगों की एंट्री नहीं है। मेडिकल स्क्रीनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और सैनिटाइजर ले जाना अनिवार्य है। सभी सरकारी दिशा-निर्देशों के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

यह आयोजन अंग्रेजी और 11 भारतीय भाषाओं में  isha.sadhguru.org/msr  पर लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। 11 मार्च को आयोजित इस उत्सव में दुनिया भर से लाखों भक्तों को शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। रात भर चलने वाले इस उत्सव में सद्गुरु रात 11:40 बजे मिडनाइट मेडिटेशन करवाने वाले हैं।

इवेंट में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों जैसे- कबीर कैफे, कुटल खान परियोजना, संदीप नारायण, मंगली, पार्थिव गोहिल, एंथनी दासन, साउंड्स ऑफ़ ईशा और ईशा संस्कृति के छात्रों द्वारा शानदार डांस और म्यूजिकल परफॉर्मेंस भी शामिल हैं। इतना ही नहीं इस भव्य इवेंट में अवॉर्ड विनर आदियोगी दिव्य दर्शनम द्वारा योग की उत्पत्ति को दर्शाती एक शानदार लाइट और साउंड परफॉर्मेंस को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम की एक झलक वीडियो में देख सकते हैं:

 

 

महाशिवरात्री त्यौहार मनुष्य की भलाई के लिए प्रकृति के नियंत्रण को समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु का कहना है कि महाशिवरात्रि की रात ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि मानव प्रणाली में ऊर्जा का प्राकृतिक प्रवाह होता है। इस प्रकार जागृत रहना, सचेत रहना और रात भर रीढ़ को सीधा रखना एक शारीरिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए बहुत फायदेमंद है।

महाशिवरात्रि के इस भव्य कार्यक्रम में प्रसाद स्वरूप आप ये चीजें हासिल करेंगे:

यक्ष
 
महाशिवरात्रि से पहले यक्ष एक तीन दिवसीय संगीत और नृत्य उत्सव है जिसमें कौशिकी चक्रवर्ती से हिंदुस्तानी संगीत प्रदर्शन, संदीप नारायण द्वारा कर्नाटक संगीत प्रदर्शन, और ईशा संस्कारिति द्वारा "सरोपोपम" भरतनाट्यम नृत्य प्रदर्शन होगा। ईशा फाउंडेशन के Youtube चैनल पर यह इवेंट 8-10 मार्च शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे तक लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

रुद्राक्ष दीक्षा
 
रुद्राक्ष शब्द का शाब्दिक अर्थ है "शिव के आँसू"। सद्‌गुरु द्वारा प्रवर्तित 1 मिलियन से अधिक रुद्राक्ष की माला, साधकों को मुफ्त में दी जाएगी जो उनकी साधना में उनका साथ देगी। रुद्राक्ष दीक्षा प्राप्त करने के लिए यहां रजिस्ट्रेशन करें। ईशा महाशिवरात्रि कार्यक्रम एक गहन आध्यात्मिक अनुभव के लिए आदर्श माहौल देता है। यह त्यौहार उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो आध्यात्मिक पथ पर हैं साथ ही करियर और फैमिली पर्सन के लिए भी। सद्गुरु कहते हैं, "यह रात सिर्फ जागने की रात नहीं, बल्कि आपके लिए जागृति की रात हो सकती है।"

महाशिवरात्रि क्या है इसे समझिए:
 
महाशिवरात्रि प्राकृतिक ग्रहों की स्थिति के कारण मिलने वाले आध्यात्मिक फल के कारण बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण माना जाता है कि ऊर्जा के इस प्राकृतिक उतार-चढ़ाव से लाभ के लिए रीढ़ की हड्डी को साधकर जागते रहें। ग्रहों की दशा और दिशा महाशिवरात्रि को सभी मानवों के लिए, विशेष रूप से आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले लोगों के लिए विश्वास या धर्म के रूप में अमर कर देती है।

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