
नई दिल्ली. पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाने की पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन उसे हर बार मुंह की खानी पड़ रही है। अब उसने उसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में जम्मू-कश्मीर मामले को उठाया है। वहां भी उसे करारा जवाब मिला। गिलगित-बाल्टिस्तान के रिटायर कर्नल वजाहत हसन ने जिनेवा में UNHRC के 42 वें सेसन को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर विवादित क्षेत्र है। लिहाजा वहां पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए। आखिर पाकिस्तान दावा कैसे कर सकता है कि जम्मू-कश्मीर विवादित क्षेत्र है।
गिलगित बाल्टिस्तान को बताया भारत का हिस्सा
वहीं, गिलगित बाल्टिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता सेंज सेरिंग ने आर्टिकल 370 हटाए जाने को सही बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 कुछ लोगों के हाथ का एक ऐसा हथियार बन गया था, जिसने लोगों को जातीय और धार्मिक समूहों पर वीटो पावर दे दिया था। जिन लोगों को इससे फायदा मिला वो लोग पाकिस्तानी सेना के सहयोगी बन गए। ऐसे लोग पाक के रणनीतिक हितों का बढ़ावा दे रहे थे। इसके साथ ही सेंज गिलगित बाल्टिस्तान को भारत का हिस्सा बताया।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने मध्यस्थता से किया इनकार
इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान आपस में बातचीत से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सुलझाएं। गुटेरस ने यह भी कहा कि अगर भारत कहेगा तो इस मामले पर विचार किया जाएगा। बता दें, पीएम मोदी ने जी-7 समिट के दौरान कहा था कि कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला है इसमें तीसरे देश को शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर से मोदी सरकार ने 5 अगस्त को आर्टिकल 370 को हटाया था।
इसके बाद से पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पूरी कोशिश में लगा हुआ है। यहां तक की पाक पीएम ने परमाणु हमले की भी बात कही थी।
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