
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में पूर्व आईएएस टॉपर और राजनेता शाह फैसल पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल को शनिवार की सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट ऑर्डर सौंपा गया और दोबारा हिरासत में लिया गया। इससे पहले 14 अगस्त 2019 पहले गिरफ्तार किया गया था।
शाह फैसल पर क्या आरोप लगा?
शाह फैसल पर आरोप है कि उन्होंने धारा 370 हटाए जाने का विरोध किया और स्थानीय लोगों को भड़काने की कोशिश की।
8 नेताओं की पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तारी
जम्मू- कश्मीर में 8 नेताओं को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। शाह फैसल से पहले डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अली मोहम्मद सागर, नईम अख्तर, सरताज मदनी और हिलाल लोन को गिरफ्तार किया गया है।
फैसल 2010 के IAS परीक्षा के टॉपर हैं
शाह फैसल 2010 में आईएएस परीक्षा को टॉप करने वाले पहले कश्मीरी हैं। 2019 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर मार्च 2019 में जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम से पार्टी बनाई और चुनाव लड़ने की घोषणा की।
क्या है पब्लिक सेफ्टी एक्ट
पब्लिक सेफ्टी एक्ट सरकार को 16 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को दो साल तक बिना मुकदमे के गिरफ्तारी या नजरबंदी की अनुमति देता है। 2011 में न्यूनतम आयु 16 से बढ़ाकर 18 कर दी गई थी। इसका इस्तेमाल आतंकवादियों, अलगाववादियों और पत्थरबाजों के खिलाफ किया जाता है। 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी की हत्या के बाद कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
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