शशि थरूर ने ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’ लेने से क्यों किया इनकार? जानें वजह क्या है?

Published : Dec 10, 2025, 02:44 PM ISTUpdated : Dec 10, 2025, 02:46 PM IST
shashi tharoor refuses veer savarkar award controversy

सार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वीर सावरकर अवॉर्ड लेने से इनकार किया, कहा-न जानकारी थी न सहमति। क्या शशि थरूर को वाकई बिना जानकारी के वीर सावरकर अवॉर्ड के लिए चुन लिया गया? और आयोजकों के दावे कितने सही हैं? पूरा सच अब सामने आ रहा है।

नई दिल्ली। कांग्रेस के मशहूर सांसद शशि थरूर एक बार फिर राजनीति की सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई बयान नहीं, बल्कि एक ऐसा अवॉर्ड है जिसे थरूर ने लेने से साफ इनकार कर दिया। बुधवार को सोशल मीडिया पर अचानक खबर फैली कि थरूर को “पहला वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025” मिलने वाला है। लेकिन कुछ ही देर बाद थरूर ने X पर एक पोस्ट डालकर यह साफ कर दिया कि उन्हें इस सम्मान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने इसे स्वीकार भी नहीं किया। थरूर का कहना है कि न तो उन्हें किसी संस्था ने अवॉर्ड के बारे में बताया, न ही उन्होंने किसी इवेंट में हिस्सा लेने की सहमति दी। इसलिए उनके नाम की घोषणा करना, उनके अनुसार, “गैर-जिम्मेदाराना” कदम है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह विवाद अचानक कैसे खड़ा हुआ? किसने अवॉर्ड की घोषणा की? और क्या राजनीति के अंदर कोई बड़ा खेल चल रहा है?

क्या शशि थरूर को सच में अवॉर्ड के लिए चुना गया था? अगर हां, तो उन्हें बताया क्यों नहीं गया?

थरूर ने बताया कि उन्हें इस अवॉर्ड के बारे में पहली बार तब पता चला जब वे केरल में लोकल बॉडी इलेक्शन में वोट डाल रहे थे। मीडिया ने उनसे सवाल पूछा, तब उन्होंने साफ कहा कि “मुझे अवॉर्ड की कोई जानकारी नहीं थी। मैंने इसे न लिया है और न ही लूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ऑर्गेनाइज़र ने उनकी अनुमति के बिना उनका नाम अनाउंस कर दिया, जो उनके मुताबिक बिल्कुल गलत तरीका है। न अवॉर्ड की डिटेल्स, न संस्था की जानकारी—थरूर इसे पूरी तरह अस्वीकार्य मानते हैं।

 

 

क्या ऑर्गनाइज़र ने सच में थरूर को पहले जानकारी दी थी? HRDS इंडिया ने क्यों दिया उल्टा बयान?

शशि थरूर के बयान के बाद HRDS इंडिया के सचिव अजी कृष्णन ने दावा किया कि बात अलग है। उनके मुताबिक-

  • HRDS के प्रतिनिधि और अवॉर्ड जूरी के चेयरमैन, थरूर से उनके घर जाकर मिले थे।
  • थरूर ने उनसे अवॉर्ड पाने वालों की लिस्ट भी मांगी थी।
  • उन्हें अवॉर्ड लेने से मना करने का कोई संदेश नहीं मिला।
  • कृष्णन का आरोप यह भी है कि थरूर “कांग्रेस पार्टी के दबाव” में आकर पीछे हट रहे हैं।
  • अब सच्चाई क्या है? किसकी बात सही है? यह सवाल अब भी रहस्य बना हुआ है।

कांग्रेस नेताओं के बयान ने विवाद को और क्यों बढ़ा दिया?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने साफ कहा कि “कांग्रेस का कोई भी नेता वीर सावरकर के नाम पर अवॉर्ड नहीं ले सकता। ऐसा करना पार्टी की बेइज्जती होगी।” उनका आरोप है कि सावरकर ने “अंग्रेजों के सामने सिर झुकाया था,” इसलिए कांग्रेस का कोई सदस्य इस अवॉर्ड को स्वीकार नहीं कर सकता। इसके बाद यह विवाद सिर्फ अवॉर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विचारधाराओं की टकराहट पर पहुंच गया।

क्या शशि थरूर की छवि इससे प्रभावित होगी?  

थरूर ने साफ कहा कि “अवार्ड के नेचर, संस्था या इवेंट की कोई जानकारी न होने पर, कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।” उनकी इस स्पष्ट पोज़ीशन से यह भी संदेश गया कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर निर्णय लेते हैं। वहीं, केरल के लॉ मिनिस्टर पी. राजीव ने भी कहा-“अवॉर्ड लेना या न लेना थरूर का अधिकार है, इसमें किसी को दखल नहीं देना चाहिए।” यह बयान थरूर के पक्ष में जाता दिखता है।

क्या यह सिर्फ एक भ्रम था या एक रणनीतिक राजनीतिक चाल?

पूरे मामले को देखने के बाद तीन प्रमुख सवाल उठते हैं-

  • क्या ऑर्गेनाइज़र ने सच में बिना अनुमति के नाम घोषित कर दिया?
  • क्या कांग्रेस इस अवॉर्ड मुद्दे को राजनीतिक संदेश देने के लिए इस्तेमाल कर रही है?
  • क्या थरूर को वास्तव में पहले अवॉर्ड की जानकारी दी गई थी?

जब दो पक्ष एक-दूसरे को गलत बता रहे हों, सच्चाई कहीं बीच में छिपी होती है। फिलहाल यही लग रहा है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

शशि थरूर vs सावरकर अवॉर्ड विवाद: असली कहानी क्या है?

थरूर का सीधा और दृढ़ बयान, कांग्रेस का विरोध और ऑर्गनाइज़र का पलटवार-ये तीनों मिलकर इस मामले को और रहस्यमय बना रहे हैं। यह सिर्फ एक अवॉर्ड का मुद्दा नहीं, बल्कि विचारधारा, राजनीति और सार्वजनिक छवि का सवाल बन चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या ऑर्गेनाइज़र नया स्पष्टीकरण देगा या यह विवाद यहीं खत्म हो जाएगा।

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

Nitin Nabin: मोदी ने कराया BJP के बॉस का मुंह मीठा, नितिन नबीन के पदभार ग्रहण की खास तस्वीरें
Nitin Nabin: बीजेपी बॉस के घर में चलता है अलग सिस्टम, पत्नी ने बताया क्यों नहीं होता झगड़ा