तीन ठगों ने मुंबई में 390 लोगों को नकली वैक्सीन लगाकर हड़पे 5 लाख रुपए, जब बुखार-दर्द नहीं हुआ; तब माथा ठनका

Published : Jun 17, 2021, 08:50 AM IST
तीन ठगों ने मुंबई में 390 लोगों को नकली वैक्सीन लगाकर हड़पे 5 लाख रुपए, जब बुखार-दर्द नहीं हुआ; तब माथा ठनका

सार

मुंबई के कांदिवली इलाके की हीरानंदानी सोसायटी में रहने वाले 390 लोगों को नकली वैक्सीन लगाकर 5 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ लिया है। हालांकि एक आरोपी अभी फरार है। इन तीन ठगों में से एक मुंबई के टॉप अस्पताल का कर्मचारी था, जबकि दूसरा ईवेंट मैनेजमेंट चलाता है।  

मुंबई. यहां वैक्सीनेशन के नाम पर ठगी करने के मामले ने सबको चौंका दिया है। तीन ठगों ने कांदिवली की हीरानंदानी सोसायटी में वैक्सीनेशन कैम्प के बहाने लोगों को नकली वैक्सीन लगाकर करीब 5 लाख रुपए ठग लिए। ठगी का शिकार बने 390 लोगों को जब वैक्सीन लगने के बाद भी कोई लक्षण नहीं दिखे। जैसे-हाथ दर्द या बुखार नहीं आया, तब उनका माथा ठनका। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ लिया है। तीसरा अभी फरार है।

एक आरोपी अस्पताल में काम करता है, जबकि दूसरा ईवेंट मैनेजर
एक मीडिया हाउस ने खुलासा किया है कि पकड़ा गया एक आरोपी राजेश पांडेय मुंबई के एक टॉप अस्पताल में कर्मचारी है। अस्पताल प्रबंधन ने इस तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की है। दूसरा संजय गुप्ता नाम आरोपी ईवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ा है। गुप्ता ही वैक्सीनेशन के नाम पर लोगों को इकट्ठा करता था। तीसरा शख्स महेंद्र सिंह मुंबई में एक मेडिकल एसोसिएशन का पूर्व प्रमुख है। यह अभी फरार है।

30 मई को लगाया था कैम्प
आरोपियों ने 30 मई को हीरानंदानी सोसायटी परिसर में वैक्सीनेशन कैम्प लगाया था। इसमें एक डोज के लिए 1260 रुपए लिए गए। राजेश पांडे ने खुद को कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल का प्रतिनिधि बताया था। इस कैम्प का मैनेजमेंट संजय गुप्ता संभाल रहा था। महेंद्र सिंह ने पैसों का कलेक्शन किया था।

जब लक्षण नहीं दिखे, तब शक हुआ
पीड़ितों ने बताया कि जब वैक्सीनेशन के बाद कोई लक्षण नहीं दिखे, तो ताज्जुब हुआ। किसी को बुखार नहीं आया और न ही हाथ दर्द हुआ। कैम्प के दौरान किसी का फोटो भी नहीं लिया  गया था। जब सर्टिफिकेट की बात की, तो करीब 15 दिन बाद अलग-अलग अस्पतालों जैसे-नानावटी, लाइफ लाइन, नेस्को बीएमसी टीकाकरण केंद्र की तरफ से सर्टिफिकेट जारी किए गए। लेकिन जब इनसे संपर्क किया गया, तब मालूम चला कि ये फेक हैं।

पुलिस कर रही पड़ताल
मामले की जांच कर रहे सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाबासाहेब सालुंके ने बताया कि इस संबंध में अस्पताल भी आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा रहे हैं। तीसरे आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

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