मिड-डे मील : बच्चों ने नमक-रोटी खाकर मिटाई भूख, रसोइया ने कहा- नहीं मिलता खाना बनाने का सामान

Published : Aug 23, 2019, 01:18 PM ISTUpdated : Aug 23, 2019, 01:27 PM IST
मिड-डे मील : बच्चों ने नमक-रोटी खाकर मिटाई भूख, रसोइया ने कहा- नहीं मिलता खाना बनाने का सामान

सार

स्कूल में एक छात्रा काजल ने कहा, मेरे लंच में आज रोटी के साथ नमक था। कभी-कभी हमें रोटी के साथ सब्जी दी जाती हैं लेकिन आज के खाने के लिए हमें सिर्फ नमक मिला है। स्कूल के अन्य बच्चों ने दावा किया कि उन्हें खाने के दौरान दूध नहीं मिलता है।

मिर्जापुर. यूपी के मिर्जापुर जिले में मिड-डे मील में बच्चों को खाने के लिए नमक और रोटी दी गई। मामला हिनौता गांव के एक प्राथमिक विद्यालय का है। जिला अधिकारियों ने इसे गंभीर चूक बताया और एक शिक्षक को निलंबित कर दिया। 

"स्कूल में दूध नहीं मिलता" 
स्कूल में एक छात्रा काजल ने कहा, मेरे लंच में आज रोटियों के साथ नमक था। कभी-कभी हमें रोटी के साथ सब्जी दी जाती हैं लेकिन आज के खाने के लिए हमें सिर्फ नमक मिला है। स्कूल के अन्य बच्चों ने दावा किया कि उन्हें खाने के दौरान दूध नहीं मिलता है।

खाना बनाने के लिए सिर्फ आधा किलो आलू : रसोइया 
स्कूल के रसोइया ने कहा कि उसे स्कूल में सभी बच्चों को खिलाने के लिए सिर्फ आधा किलो आलू मिलता है। इसके अलावा नमक और कुछ मसाले दिए जाते हैं। मैंने कुछ ही रोटियां बनाई थीं और उन्हें नमक के साथ दिया था। 

"बच्चों को फल और दूध मिलना चाहिए"
मिर्जापुर के जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने इसके लिए शिक्षकों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुसार जिलों में मिड-डे मील का मेन्यू तय किया गया है। बच्चों को फल और दूध भी दिए जाते हैं। लेकिन ये घटनाएं शिक्षकों की चूक के कारण होती हैं।

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