
SIMI banned under UAPA: भारत सरकार ने सिमी पर बैन लगा दिया है। स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) को पांच साल के लिए बैन कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने सिमी पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी करते हुए कहा कि यह संगठन देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहते हुए आतंकी गतिविधियों के संचालन, अशांति फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने में लिप्त रहा है।
सिमी पर 2019 में भारत सरकार ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 2019 यानी यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया था। यह प्रतिबंध 5 साल के लिए लगाया गया था। इसे एक बार फिर 2024 में पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है। 2019 में लगा प्रतिबंध फरवरी में खत्म हो रहा था लेकिन इसके पहले ही गृह मंत्रालय ने नया आदेश जारी कर प्रतिबंध की अवधि को पांच साल और बढ़ा दिया है।
गृह मंत्रालय ने X पर दी जानकारी
गृह मंत्रालय ने ट्वीटर पर सिमी पर बैन संबंधी जानकारी दी है। गृह मंत्रालय के ऑफिस ने एक्स पर लिखा: आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए 'स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी)' को यूएपीए के तहत पांच साल की अगली अवधि के लिए 'गैरकानूनी संघ' घोषित किया गया है। सिमी को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देने, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने में शामिल पाया गया है।
दो दशक से अधिक समय से चल रहा है सिमी पर बैन
सिमी पर पहली बार 2001 में प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद से उस पर बैन को लगातार बढ़ाया जा रहा है। एक बार फिर पांच साल के लिए उस पर प्रतिबंध को बढ़ा दिया गया है। हालांकि, अगस्त 2008 में एक स्पेशल ट्रिब्यूनल द्वारा प्रतिबंध हटा दिया गया था, लेकिन तत्कालीन सीजेआई केजी बालाकृष्णन ने इसे बहाल कर दिया गया था। तत्कालीन सीजेआई ने 6 अगस्त 2008 को नेशनल सिक्योरिटी के आधार इसे प्रतिबंधित कर दिया गया।
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