
Waqf Act SC Hearing: वक्फ संशोधन कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज दूसरे दिन की सुनवाई शुरू हुई। केंद्र से कोर्ट ने जवाब मांगा है। जवाब आने तक वक्फ में किसी भी नई नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है साथ ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह आश्वासन दिया है कि किसी भी जमीन को वह डिनोटिफाई नहीं करेगी। इस संवेदनशील मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ कर रही है। अगली सुनवाई 5 मई को होगी।
भारत सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से एक सप्ताह का समय मांगा है। उन्होंने पीठ से निवेदन किया, "कृपया मुझे कुछ दस्तावेजों के साथ प्रारंभिक जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दें। यह ऐसा मामला नहीं है जिस पर जल्दबाज़ी में या सतही तौर पर विचार किया जा सके।"
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सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून के तीन प्रावधानों को लेकर चिंता जताई है। पहला मुद्दा यह है कि अगर कोई जगह लंबे समय से धार्मिक कामों में इस्तेमाल हो रही है तो उसे वक्फ संपत्ति मान लिया जाता है, जिसे 'वक्फ बाय यूजर' कहा जाता है। दूसरा प्रावधान यह कहता है कि अगर किसी जमीन पर सरकार का दावा हो तो उसे वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा। तीसरा और अहम मुद्दा यह है कि वक्फ काउंसिल और वक्फ बोर्ड में अब गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी शामिल किया जा सकता है, जो पहले नहीं होता था। कोर्ट ने इन बातों पर चिंता जताते हुए कहा है कि इन पर और विचार किया जाना चाहिए।
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