
नई दिल्ली. तहलका के संस्थापक और जाने माने पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केस खारीज करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन शोषण मामले की सुनवाई छह महीने की अवधि में पूरी होगी। यह पीड़िता की निजता पर हमला था। इससे पहले उनके खिलाफ गोवा अदालत ने आरोप तय कर दिये थे। उनपर साल 2013 में अपनी सहकर्मी का शोषण करने का आरोप लगा था।
कौन हैं तरूण तेजपाल
तरुण तेजपाल तहलका मैग्जीन के संस्थापक है। उन्होंने अपने स्टिंग ऑपरेशन और खुफिया कैमरे से पूरे देश में तहलका मचा दिया था। उनके इस फैसले से देश के बड़े बड़े राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई थी। तरूण अपनी ही टीम की महिला पत्रकार के साथ यौन शोषण के आरोप में घिरे हैं।
क्या है मामला
7 नवंबर 2013 को गोवा के फाइव स्टार होटल में तहलका का थिंक फेस्ट चल रहा था। इस फेस्ट में तहलका के संस्थापक समेत कई मशहूर लोगों ने हिस्सा लिया था। इसी फेस्ट में महिला ने उनपर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।
लड़की के क्या थे आरोप
लड़की का आरोप था कि तेजपाल ने उसके साथ एक नहीं, बल्कि दो-दो बार ज्यादती की, साथ में जान से मरने की धमकी भी दी थी। तहलका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से की गई शिकायत के बाद गोवा पुलिस को अपने साथ बीती पूरी कहानी बताई थी।
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