
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को सोमवार को बड़ा झटका दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर दिए गए बयान के चलते गुजरात विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इसे चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता की याचिका खारिज कर दी। अब उनके खिलाफ मानहानि केस चलने का रास्ता साफ हो गया है।
मानहानि केस को लेकर गुजरात पुलिस ने केजरीवाल के खिलाफ समन जारी किया था। केजरीवाल ने गुजरात हाईकोर्ट में उसे चुनौती दी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आप नेता ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन एक बार फिर उनकी याचिका खारिज हो गई।
जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने सोमवार को केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई की और इसे खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2024 में इस मामले में सह-आरोपी संजय सिंह द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी थी। पीठ ने कहा कि कोर्ट को एक सुसंगत दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। संजय सिंह की याचिका में लिए गए दृष्टिकोण को देखते हुए वह केजरीवाल के मामले पर विचार करने को इच्छुक नहीं हैं।
नरेंद्र मोदी की डिग्री क्यों प्रकाशित नहीं कर रहा विश्वविद्यालय
सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की ओर से सीनियर वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की। उन्होंने पूछा कि विश्वविद्यालय नरेंद्र मोदी की डिग्री क्यों प्रकाशित नहीं कर रहा है। क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि डिग्री फर्जी है?
सिंघवी ने कहा कि अगर केजरीवाल का बयान अपमानजनक था तो नरेंद्र मोदी को आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराना चाहिए था न कि गुजरात विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को। केजरीवाल की बातों को विश्वविद्यालय के लिए अपमानजनक नहीं माना जा सकता। यूनिवर्सिटी की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ का ध्यान संजय सिंह के मामले में दिए गए आदेश की ओर आकर्षित किया।
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