
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट कल राफेल और सबरीमाला दोनों मामलों में दायर समीक्षा याचिकाओं फैसला सुनाएगा। सबरीमाला का फैसला एक संविधान पीठ द्वारा दिया जाएगा जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, ए एम खानविलकर, डी वाई चंद्रचूड़ और इंदु मल्होत्रा शामिल हैं।
सबरीमाला पर सितंबर 2018 में आया था फैसला
सबरीमाला मामले में शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर 2018 को सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर के परिसर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध हटा दिया था। बाद में फैसले पर पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट इसी मामले में अपना फैसला सुनाएगा।
राफेल खरीद को चुनौती देने वाली याचिका
राफेल मामले में याचिकाकर्ताओं ने अपने फैसले की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसने 36 राफेल लड़ाकू जेट की खरीद के लिए फ्रांस के साथ भारत के समझौते को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी, जिसमें सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया गया था।
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