
कोलकाता। पीएम मोदी और जिलाधिकारियों की मीटिंग में बोलने को लेकर उठे विवाद पर पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है। कहा-पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों की मीटिंग बुलाई थी कि कोविड से बचाव के लिए ग्रांउड लेवल के प्रयासों पर चर्चा हो सके लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मीटिंग को भी राजनैतिक मंच बना दिया।
एक मीटिंग खुद नहीं की और दूसरों में अड़ंगा डाल रहीं
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कोविड महामारी में लोगों को बचाने के लिए काम करने की बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक विरोध करने में जुटी हुई है। आज तक वह कोविड से बचाव के लिए एक भी मीटिंग राज्य में नहीं की हैं। जबकि पीएम मोदी दर्जनों बार विभिन्न स्तरों पर कोविड बचाव के लिए मीटिंग कर चुके हैं।
ममता ने मीटिंग को हाईजैक करना चाहा
भाजपा के पश्चिम बंगाल में विधानमंडल दल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पीएम-डीएम की मीटिंग को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाईजैक करने की कोशिश की है। खुद तो अपने अधिकारियों के साथ एक भी मीटिंग नहीं कर सकी और दूसरों की मीटिंग को हाईजैक करना चाहा। उन्होंने कहा कि अब आरोप लगा रही हैं कि उनको बोलने का चांस नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पीएम की मीटिंग में सात जिलों के अधिकारियों ने बात किया जिसमें पांच गैर भाजपा शासित राज्यों के थे।
बेहतर होता कि मुख्यमंत्री काम पर ध्यान देंती
अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए काम करना चाहिए। जनता उनको देख रही है। पीएम मोदी सबसे समन्वय बनाकर इस समय काम करने पर ध्यान दे रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री केवल राजनीतिक विरोध के लिए मोर्चा खोली हुई हैं।
पीएम मोदी ने दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 54 डीएम की मीटिंग बुलाई थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 राज्यों के सीएम और इनके 54 जिलों के डीएम के साथ गुरुवार को कोरोना महामारी को लेकर बैठक की है। दस राज्यों के मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी नाम था। मीटिंग में ममता बनर्जी शामिल हुईं लेकिन उन्होंने बैठक के बाद केंद्र पर गंभीर लगाए। सीएम ममता बनर्जी ने मीटिंग के बाद अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बैठक में सभी सीएम को पुतले की तरह से बिठाकर रखा गया, किसी को बोलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने ऑक्सीजन और ब्लैक फंगस की समस्या को लेकर कुछ भी नहीं पूछा। पीएम ने वैक्सीन के बारे में भी हमसे कुछ नहीं पूछा। हम इस व्यवहार से अपमानित महसूस कर रहे हैं। ममता ने कहा, यदि राज्यों को बोलने की अनुमति नहीं थी तो उन्हें क्यों बुलाया गया। बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों को विरोध करना चाहिए।
इस बैठक में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल, आंध्रप्रदेश और राजस्थान के अफसरों ने अपनी बात रखी। वहीं, पश्चिम बंगाल के 24 नॉर्थ परगना के डीएम को भी इसमें बोलना था। लेकिन ममता ने इसे कैंसल करा दिया।
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