
नई दिल्ली. कृषि बिलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा के एक कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अनेक दशकों तक कांग्रेस द्वारा किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगाए गए, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं,। देश अब इन बातों को भली भांति जानता है इसलिए किसानों को इनसे भ्रमित होने से बचना चाहिए। हमारी सरकार ने किसान हित में इन बिलों को संसद से पारित करवाया है।
शुक्रवार को भारत बंद
दरअसल केंद्र सरकार ने हाल ही में कृषि से जुड़े बिलों को विपक्ष और कई किसान संगठनों के विरोध के बीच संसद से पास करा दिया है। इन्हीं कृषि बिलों के खिलाफ किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद बुलाया है। इस विरोध प्रदर्शन में पंजाब और हरियाणा के ज्यादा किसान शामिल होने जा रहे हैं। इसके अलावा देश के 31 किसान संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि कृषि बिलों के खिलाफ भारत बंद को उसका पूर्ण समर्थन रहेगा। पंजाब में इस बिल का विरोध काफी पहले से जारी है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण) के महासचिव सुखदेव सिंह ने पंजाब के दुकानदारों से अपील की है कि भारत बंद पर वे अपनी दुकानें बंद रखें और किसानों का समर्थन करें।
भारत बंद को कई पार्टियों का समर्थन
किसानों की ओर से बुलाए गए इस बंद का कांग्रेस ने पूरा समर्थन किया है। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि शुक्रवार को भारत बंद में उसके लाखों कार्यकर्ता किसानों के साथ धरना में शामिल होंगे। समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने भी किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। उधर पंजाब में आम आदमी पार्टी ने पहले ही ऐलान किया है कि वह भारत बंद का समर्थन करेगी। लगभग 30 किसान संगठन भारत बंद पर सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं।
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