
मुंबई. पिछले दिनों चक्रवाती तूफान तौकते (Cyclone Tauktae) की चपेट में आकर समुद्र में डूबे जहाज टगबोट वरप्रदा(Tugboat Varaprada) हादसे के मामले में मुंबई पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह जहा समुद्र तट से 35 किमी दूर डूब गया था। इसमें सवार 13 लोगों में से सिर्फ 2 को बचाया जा सका था। टगबोट के चीफ इंजीनियर फ्रांसिस के. सिमोन ने कहा था कि यह शिप बेहद खराब हालत में था। यानी यह समुद्र में उतारे जाने लायक नहीं था।
चीफ इंजीनियर की बच गई थी जान
शिप के चीफ इंजीनियर फ्रांसिस के. सिमोन सहित एक अन्य की हादसे में जान बच गई थी। सिमोन ने तब कहा था कि शिप के खस्ताहाल होने के बावजूद कैप्टन और कंपनी ने यह जोखिम उठाया। उन्होंने चक्रवाती तूफान की ताकत को कम न आंका होता, तो जहाज नहीं डूबता।
यह था हादसा
सिमोन ने बताया था कि समुद्र का पानी धीरे-धीरे इंजन रूम में भर गया था। तब उन्होंने कैप्टन नागेंद्र कुमार से कहा भी था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। सिमोन के मुताबिक, उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना से मदद मांगने को कहा था, लेकिन कई घंटे बाद मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को इमरजेंसी कॉल भेजा गया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
17 मई को लापता होने की सूचना मिली थी
नौसेना को 17 मई को दो जहाजों के डूबने की सूचना मिली थी। इनमें बार्ज P305 में 261 और वरप्रदा में 13 लोग सवार थे। हालांकि दो अन्य जहाजों SS3 और सागर भूषण पर मौजूद सभी 440 लोगों को बचा लिया गया था। बार्ज P305 हादसे में 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
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