
मुंबई. शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 27 जुलाई 1960 में जन्में उद्धव 59 साल के हैं। उन्होंने बाल ठाकरे के निधन के बाद 2012 में शिवसेना को पूरी तरह से संभाला। उद्धव, बाल ठाकरे के सबसे छोटे बेटे हैं। इनसे बड़े दो भाई बिंदुमाधव ठाकरे और छोटे जयदेव ठाकरे हैं।
फोटोग्राफी का शौक
उद्धव एक राजनेता के अलावा प्रोफेशनल फोटोग्राफर भी हैं। वे इसी शौक की वजह से 40 साल तक राजनीति से दूर रहे। बचपन से ही उद्धव का फोटोग्राफी से लगाव रहा है। वे वाइल्ड लाइफ और नेचर फोटोग्राफी करते हैं। उनकी फोटो प्रदर्शनी में भी इसकी झलक दिख जाती है। मुंबई में उनकी एग्जीबिशन होती है। इससे होने वाली कमाई से वे किसानों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
मां के कहने से राजनीति में आए
उद्धव ठाकरे को फोटोग्राफी का शौक था। वह राजनीति में नहीं आना चाहते थे, लेकिन मां मीनाताई की इच्छा थी। मां चाहती थीं कि उनका एक लड़का बाला साहब का साथ दे। यही वजह है कि वह राजनीति में आए।
रश्मि से हुई शादी
उद्धव ठाकरे की शादी एक बिजनेसमैन की बेटी रश्मि से हुई। रश्मि ने 1987 में एलआईसी में एक अनुबंध के तहत नौकरी की। इसी दौरान वे राज ठाकरे की बहन जयजयावंति से मिलीं। इस दौरान दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। जयजयावंति ने ही पहली बार रश्मि को उद्धव ठाकरे से मिलवाया था। जल्द ही दोनों में दोस्ती हो गई। दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। उद्धव ठाकरे और रश्मि ने 13 दिसंबर, 1989 को शादी कर ली।
उद्धव के दो बेटे हैं
उद्धव-रश्मि के दो बेटे है। रश्मि ने निर्मल स्वभाव के चलते परिवार वालों के बीच एक अलग छवि बना ली। बताया जाता है कि जब बालासाहेब ठाकरे बीमार पड़े तो उन्होंने अच्छे से देखभाल की। उद्धव और रश्मि को दो बेटे हैं, आदित्य और तेजस। आदित्य ठाकरे वर्ली से विधायक बने हैं, वहीं तेजस न्यूयॉर्क में पढ़ाई कर रहे हैं।
सामना के एडिटर इन चीफ बने
ठाकरे प्रमुख मराठी समाचार पत्र सामना के एडिटर इन चीफ भी हैं। इस समाचार पत्र को उनके पिता ने शुरू किया था।
2002 में मिली बड़ी जिम्मेदारी
उद्धव को पार्टी की जिम्मेदारी सबसे पहले 2002 में मिली थी, उस वक्त मुंबई महानगरपालिका के चुनाव होने थे। शिवसेना ने उनके नेतृत्व में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। 2003 में शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए।
2012 के बाद पूरी तरह से संभाली शिवसेना
17 नवंबर 2012 को बाला साहेब ठाकरे के निधन के बाद उद्धव ठाकरे ने पूरी तरह से शिवसेना की कमान संभाल ली, लेकिन उन्होंने शिवसेना प्रमुख का नाम लेने से इनकार कर दिया। हालांकि पूरी पार्टी की कमान संभाल ली।
2014 में भाजपा से अलग होकर लड़ा चुनाव
2014 में शिवसेना ने भाजपा से अलग विधानसभा चुनाव लड़ा, नतीजों के बाद दोनों पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई। 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र नतीजों के बाद शिवसेना और भाजपा में तल्खी बढ़ी, 11 नवंबर को शिवसेना ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया। 26 नवंबर को वे शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन के नेता चुने गए।
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