
नई दिल्ली. कानपुर हत्याकांड के आरोपी विकास दुबे का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है। वहीं एसटीएफ ने बताया कि रोड पर गाय और भैसों का झुंड सामने आ जाने की वजह से गाड़ी पलट गई। इसके बाद विकास दुबे ने दुर्घटना का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। इसी दौरान विकास दुबे को 4 गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई।
एसटीएफ ने यह प्रेस नोट जारी किया
पुलिस ने बताया, क्यों मारी गोली?
उत्तर प्रदेश के एडीजी प्रशांत कुमार का विकास दुबे के एनकाउंटर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा किया और उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माना। उसने पुलिस टीम पर जान लेने की लिए फायरिंग की। आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया। इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त एसटीएफ के दो लोग घायल हैं।
कानपुर हत्याकांड में कितने आरोपी?
कानपुर मुठभेड़ में कुल 21 अभियुक्त नामजद थे और 60 से 70 अन्य अभियुक्त थे। जिसमें से अब तक 3 लोग गिरफ्तार हुए हैं, 6 मारे गए हैं और 120 बी के अंदर 7 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। 12 इनामी बदमाश वांछित चल रहे हैं।
अस्पताल लाने से पहले ही विकास दुबे की मौत हो चुकी थी
विकास दुबे को गोली लगने के बाद एलएलआर अस्पताल लाया गया था। एलएलआर अस्पताल के प्रिंसिपल डॉक्टर आरबी कमल ने कहा, विकास दुबे को यहां मृत लाया गया था। उसको 4 गोली लगी थी। 3 गोली सीने में लगी थी और एक हाथ में। यहां 3 पुलिसकर्मी भी लाए गए हैं रमाकांत, पंकज और प्रदीप, वो खतरे से बाहर हैं। 2 पुलिसकर्मियों को गोली लगी है, दोनों की हालत अभी स्थिर है।
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