
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नॉर्वे के सांसद क्रिश्चियन ताइब्रिंग ने साल 2021 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। ट्रम्प को इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ताइब्रिंग ने नामित किया है।
अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज को दिए बयान में ताइब्रिंग ने बताया कि नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किए गए दूसरे लोगों से ज्यादा ट्रंप ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशें की हैं इसलिए उन्हें नामित किया गया है।
यूएइ-इसराइल समझौता गेम चेंजर साबित होगा
ताइब्रिंग ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि ट्रम्प ने मिडिल ईस्ट से बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को वापस बुलाया। ट्रंप के लिए नॉमिनेशन पत्र में ताइब्रिंग ने लिखा कि उम्मीद है अन्य मध्यपूर्वी देश भी यूएई के नक्शेकदम पर चलेंगे तो यह समझौता एक गेम चेंजर साबित हो सकता है जो मध्य पूर्व को समृद्धि और सहयोग के क्षेत्र में आगे बढ़ाएगा।
क्या है यूएई-इजराइल समझौता?
बता दें कि अगस्त 2020 में यूएई और इजरायल ने सालों पुरानी दुश्मनी भुलाकर एक एतिहासिक समझौता किया था। समझौते के तहत इजरायल, फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके में अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार हो गया था। वहीं यूएई, इजरायल से पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने को राजी हो गया था। ऐसा करने वाला वह पहला खाड़ी देश बन गया है।
नॉर्वे से चार बार सांसद रह चुके हैं ताइब्रिंग
ताइब्रिंग नॉर्वे की संसद के चार बार सदस्य रह चुके हैं और 'नाटो' की संसदीय असेंबली का हिस्सा भी हैं। उन्होंने यूएई और इजरायल के बीच बेहतर संबंधों को स्थापित कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को श्रेय दिया।
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