
देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी का डंडा चोटी पर हिमस्खलन के बाद लापता पर्वतारोहियों का पता लगाने के लिए बुधवार को तलाशी अभियान फिर शुरू किया गया। 17,000 फीट ऊंची इस चोटी से बुधवार को मामूली रूप से घायल आठ पर्वतारोहियों को हेलीपैड पर लाया गया। अभी तक कुल 14 घायलों को बचाया गया है।
चोटी पर चढ़कर लौटने के समय पर्वतारोहियों का 41 सदस्यीय दल मंगलवार को हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के 28 प्रशिक्षु इस टीम का हिस्सा थे। उत्तराखंड पुलिस द्वारा जारी प्रशिक्षुओं की लिस्ट में पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं।
आईटीबीपी के जवान कर रहे तलाशी
एक अधिकारी ने यहां बताया कि छह पर्वतारोहियों को मतली हेलीपैड लाया गया है। उन्हें सामान्य चोटें आई हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। लापता पर्वतारोहियों की तलाश में चीता और एएलएच हेलीकॉप्टरों से डोकरानी ग्लेशियर पर आईटीबीपी के जवानों को भेजा गया है।
एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट ने बताया है कि मंगलवार को 10 शव देखे गए थे। इनमें से चार को बरामद कर लिया गया है। मंगलवार को अंधेरा और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य रोकना पड़ा था। हिमस्खलन मंगलवार सुबह करीब 8.45 बजे हुआ था। हिमस्खलन के बाद पर्वतारोही दरारों में फंस गए थे।
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