
नेशनल न्यूज डेस्क. डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) ने 1990 के दशक के कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार-हत्या और उनके पलायन को देश का ज्वलंत मुद्दा बना दिया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबर्दस्त बहस छिड़ गई है। हालांकि ज्यादातर लोगों की कश्मीरी पंडितों को लेकर सहानुभूति है, लेकिन कुछ विवादास्पद कमेंट़्स भी सामने आ रहे हैं। #TheKashmirFiles सोशल मीडिया पर ट्रेंड में है। पढ़िए कुछ कमेंट्स...
The Kashmir Files Trends on Social Media: ऐसे-ऐसे कमेंट्स
फिल्म डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री(Vivek Ranjan Agnihotri) ने अपने twitter पेज @vivekagnihotri पर एक तस्वीर शेयर करके लिखा-वाशिंगटन डीसी से। यह सज्जन (बाएं से चौथे) स्वर्गीय न्यायाधीश नीलकंठ गंजू के पुत्र हैं। भारतीय न्यायपालिका और व्यवस्था ने उन आतंकवादियों को कभी दंडित नहीं किया, जिन्होंने उन्हें दिन के उजाले में मार डाला। #TheKashmirFiles जज गंजू के बलिदान को न्याय दिलाने की दिशा में एक छोटा कदम है। #RightToJustice
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कार्टूनिस्ट कुरील का कार्टून tweet करके लिखा-यह फिल्म भारतीय सिनेमा में गेम चेंजर है।
एक यूजर ठाकुर अभिषेक सिंह ने कपिल शर्मा के शो में फिल्म का प्रमोशन नहीं करने को लेकर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा-दुनिया भर से हर कश्मीरी पंडित और हिंदू #TheKashmirFiles और विवेक रंजन अग्निहोत्री की टीम को 1990 के कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की सच्चाई दिखाने के लिए धन्यवाद।
फिल्म से कई बौखलाए भी
twitter पर @IslamiSupremacy नामक पेज पर लिखा गया-अगर 79 कश्मीरी पंडितों की हत्या नरसंहार है, तो हर मुस्लिम विरोधी दंगा मुस्लिम नरसंहार है। दिल्ली नरसंहार में 50 मुसलमान मारे गए थे। गुजरात नरसंहार में 2000 मुसलमान मारे गए थे। कश्मीर नरसंहार में हिंदू आतंकवादियों द्वारा 100000 मुसलमानों को मार डाला गया था।
ब्लॉगर और लेखक मैनउद्दीन ने अपने twitter @mainuddinassam पर लिखा-पाखंड। 1984 में दिल्ली में 8000-17000 सिखों को मार दिया गया था। यह नरसंहार नहीं था। 1983 नेल्ली (असम) ने कम से कम 5000 मुसलमानों को मार डाला, यह नरसंहार नहीं था। 2002 गुजरात में कम से कम 3000 मुस्लिम मारे गए, यह नरसंहार नहीं था, लेकिन 1989-90 में 40 कश्मीरी पंडित मारे गए, यह नरसंहार था।
इधर, रविवार को केरल कांग्रेस ने कश्मीरी पंडितों को लेकर कई ट्वीट किए थे। एक ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा, 'वे आतंकवादी थे जिन्होंने कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया। साल 1990 से लेकर 2007 के बीच के 17 सालों में आतंकवादी हमलों में 399 पंडितों की हत्या की गई। इसी समयांतराल में आतंकवादियों ने 15 हजार मुसलमानों की हत्या कर दी। घाटी से कश्मीरी पंडितों का पलायन तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन के निर्देश पर हुआ था, जो कि आरएसएस के आदमी थे। हालांकि इस tweet के बाद कांग्रेस को जबर्दस्त आलोचना का सामना भी करना पड़ा।
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