
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा लोकसभा में पेश किया गया। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ के नाम पर मुसलमानों को डराया जा रहा है। एक मेंबर ने कहा मुस्लिम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इस पर शाह ने कहा- संसद का कानून है, स्वीकार तो करना ही पड़ेगा। बता दें कि विपक्षी दल वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या वक्फ जैसा सिस्टम सिर्फ भारत में ही है या अन्य देशों में भी वक्फ की संपत्ति मैनेज करने के लिए कोई व्यवस्था है। आइए जानते हैं।
सऊदी अरब में मिनिस्ट्री ऑफ वक्फ नाम से एक संस्था है, जो मजहबी आधार पर बना है। लेकिन वहां ट्रांसपेंरेंसी है। जबकि भारत में वक्फ बोर्ड के पास एकतरफा अधिकार हैं, जिसमें जज, ज्यूरी सबकुछ वक्फ बोर्ड के लोग ही हैं। इन पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है।
मिस्र में वक्फ जैसी कोई संस्था नहीं है, लेकिन मुस्लिमों की वक्फ की गई संपत्तियों को मैनेज करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ एंडोमेंट्स बनाया गया है। ये मस्जिदों की देखरेख से संबंधित काम भी करता है।
तुर्की में वक्फ जैसी संस्था को फाउंडेशन कहा जाता है। वहां फाउंडेशन डायरेक्टरेट के नाम से डिपार्टमेंट बना हुआ है।
इंडोनेशिया में BWI यानि बदन वक्फ इंडोनेशिया नाम की संस्था है, जो वक्फ प्रॉपर्टी के लिए प्लानिंग करती है। लेकिन ज्यादातर देशों में वक्फ का काम सीधे तौर पर सरकार की निगरानी और कंट्रोल में है।
पाकिस्तान में वक्फ की संपत्तियों की देखरेख और कामकाज इस्लामाबाद और प्रांतीय सरकारों की अथॉरिटी के पास है। यहां भी इन पर सरकार का पूरा कंट्रोल है।
2009 में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां 4 लाख एकड़ जमीन पर थीं, जबकि अब ये 9.40 लाख एकड़ में फैली हैं। कहने का मतलब है कि 16 सालों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं। अब सोचने वाली बात है कि देश की कीमती जमीन का हिस्सा आखिर कैसे इतनी तेजी के साथ वक्फ बोर्ड का हो रहा है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.