मानसून आखिर कहां अटक गया, किन राज्यों में फिर से लू चलने की चेतावनी, जानिए मौसम में आए बदलाव की पूरी डिटेल्स

Published : Jun 08, 2022, 06:24 AM ISTUpdated : Jun 08, 2022, 06:26 AM IST
मानसून आखिर कहां अटक गया, किन राज्यों में फिर से लू चलने की चेतावनी, जानिए मौसम में आए बदलाव की पूरी डिटेल्स

सार

दक्षिण पश्चिम (south west monsoon) की एक्टिविटी पर ब्रेक लग जाने से देश के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। मौसम विभाग का अनुमान है मानसून को स्पीड पकड़ने में अभी एक हफ्ते और लगेगा। मानसून के पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय रहने और दक्षिण प्रायद्वीप पर कमजोर रहने की संभावना है। जानिए कैसा रहने वाला है आपके यहां का मौसम...

मौसम डेस्क. पश्चिम-उत्तर भारत लू की चपेट में हैं। हालांकि उम्मीद है कि पश्चिमी विक्षोभ(western disturbance)के एक्टिव होने से टेम्परेचर गिरावट आएगी। आशा लगाई जा रही है कि दिल्ली में 25 जून तक मानसून पहुंच जाएगा। मानसून तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों से आगे बढ़ चुका है। हालांकि एक हफ्ते तक मानसून की स्थिति कमजोर बनी रहने की आशंका है। यानी 15 जून के बाद मानसून स्पीड पकड़ेगा। अगले 24 घंटों के दौरान, मॉनसून के पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय रहने और दक्षिण प्रायद्वीप पर कमजोर रहने की संभावना है। गर्मी का आलम यह है कि हरिद्वार में मंगलवार को टेम्परेचर 42.5 डिग्री रहा, जो रिकॉर्ड है। पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में दिल्ली के कुछ हिस्सों में  लू(heat wave) की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश में गर्मी चरम पर है। जून का पहला हफ्ता गुजर चुका है, लेकिन बारिश नहीं हुई। प्री-मानसून की एक्टिविटी पर जैसे ब्रेक लगा हुआ है। यहां दिन का टेम्परेचर 47 डिग्री तक दर्ज किया गया। यही हाल छत्तीसगढ़ का है। (File Photo)

इन वजहों से मौसम में आ रहा बदलाव
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ(western disturbance) उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाके पर बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। जबकि एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश में निचले स्तरों पर सक्रिय है।भारतीय मौसम विभाग(IMD) के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती सर्कुलेशन से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक्टिव है।

इन राज्यों में हुई बारिश
अगर पिछले 24 घंटों के दौरान की बात करें, तो मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण तटीय तमिलनाडु, केरल के कुछ हिस्सों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दज की गई। जबकि शेष पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्से और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश दर्ज की गई।

ऐसा रहने वाला है आजकल का मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में  लू(heat wave) चल सकती है। सिक्किम, देश के पूर्वोत्तर भाग और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

8 जून को दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। यानी इन क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं। जबकि तमिलनाडु, पूर्वी भागों और बिहार के पूर्वोत्तर भागों, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप और तेलंगाना के एक या दो हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र नहीं, गुजरात के पूर्वी हिस्सों, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भी छिटपुट या हल्की बारिश हो सकती है।

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