
कोलकाता. प बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा ने ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर बंगाल पहुंचे। .यह दौरा ममता बनर्जी के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि अमित शाह की मौजूदगी में ममता के भरोसेमंद सुवेंदू अधिकारी समेत 11 विधायक और 1 सांसद भाजपा में शामिल हुए। इनमें से 10 विधायक अकेले तृणमूल के हैं।
अमित शाह ने मिदनापुर में रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ ममता बनर्जी पर निशाना साधा। बल्कि इस दौरान उन्होंने भाजपा के मिशन बंगाल का टारगेट भी फिक्स कर दिया। शाह ने कहा, ममता दीदी, इस बार चुनाव परिणाम आएं तो देख लेना भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी। आईए जानते हैं कि भाजपा किस आधार पर राज्य में 200 सीटें जीतने का दावा कर रही है।
ऐसी है भाजपा की रणनीति
1- स्थानीय मुद्दों के आधार पर राज्य को 5 क्षेत्रों में बांटा
पिछले दिनों बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया था कि भाजपा ने स्थानीय मुद्दों और उनकी विशेषताओं के आधार पर राज्य को पांच क्षेत्रों - मेदिनीपुर, उत्तरी बंगाल, कोलकाता, नबाद्वीप और राह बोंगो में विभाजित किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्य में अपना विस्तार करते हुए कुल 78,000 में से 65,000 यानी 83% से अधिक मतदान केंद्रों पर मौजूदगी दर्ज कराई है।
2- भाजपा की 'स्पेशल 7' तैयार
भाजपा ने ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए स्पेशल 7 टीम बनाई है। इस टीम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, झारखंड के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, प्रहलाद पटेल, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शामिल हैं। इन नेताओं को 6-7 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये नेता अपने अपने स्तर पर पार्टी को मजबूत करेंगे, साथ ही ममता की कमजोरियों को तलाशकर बंगाल विजय की रणनीति तैयार करेंगे।
3- हर महीने राष्ट्रीय नेताओं का दौरा
भाजपा बंगाल में अभी से चुनावी मोड में है। यही वजह है कि राज्य में हर महीने जेपी नड्डा, अमित शाह समेत राष्ट्रीय नेता दौरा करेंगे। अमित शाह और जेपी नड्डा के दौरे इस रणनीति का हिस्सा हैं।
4- जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत कर रही भाजपा
दिलीप घोष ने बताया था कि ममता बनर्जी को हराने के लिए पार्टी जमीनी स्तर पर काम कर रही है। इसके अलावा पार्टी ने राज्य के करीब 83% पोलिंग बूथ अपनी मौजूदगी दर्ज करा ली है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने राज्य में अपना विस्तार करते हुए कुल 78,000 में से 65,000 यानी 83% से अधिक मतदान केंद्रों पर मौजूदगी दर्ज कराई है।
5- 2-3% वोट पर भाजपा की नजर
2019 लोकसभा चुनाव में प बंगाल की 42 सीटों में भाजपा को 18 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि तृणमूल ने 22 सीटों पर जीत हासिल की थी। खास बात ये है कि इस चुनाव में भाजपा और तृणमूल के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। दोनों पार्टियों में वोट का अंतर सिर्फ 3% था। भाजपा महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीयने एशियानेट से बातचीत में कहा था कि हमारी लड़ाई सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस से है। भाजपा और टीएमसी के वोट प्रतिशत में 2-3% का अंतर है। इसी को कवर करना है और हमारी सरकार बन जाएगी।
6- दलबदलुओं पर भाजपा की नजर
अमित शाह का यह दौरा भाजपा के लिए बड़ी कामयाबी है। दरअसल, अमित शाह की मौजूदगी में 11 विधायक और 1 सांसद भाजपा में शामिल हुए। ऐसे में साफ है कि भाजपा की चुनाव से पहले दलबदलुओं पर नजर है। भाजपा में तृणमूल के नंबर 2 कहे जाने वाले सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हुए हैं। माना जाता है कि सुवेंदु और उनके परिवार का राज्य की 80 सीटों पर प्रभाव है। ऐसे में भाजपा इन दलबदलुओं नेताओं के सहारे राज्य में पैर परासने की कोशिश में है।
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