
नई दिल्ली। केंद्र ने बंगाल के बीरभूम में कथित राजनीतिक हिंसा (Birbhum Political Violence) पर रिपोर्ट मांगी है जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। भाजपा (BJP) पिछले साल ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की मेगा जीत के बाद से हिंसा की सबसे बड़ी घटना की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी भेज रही है। कमेटी के चेयरमैन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार (BJP State President Sukant Majumdar) होंगे। उनकी टीम में चार पूर्व पुलिस अधिकारी रहेंगे।
रामपुरहाट में बड़े पैमाने पर हिंसा, टीएमसी नेता की हत्या का बदला
रामपुरहाट कस्बे के बाहरी इलाके बोगतुई गांव में मंगलवार तड़के भीड़ ने कथित तौर पर बम फेंके गए जिसमें 10 घर जल गए। सुबह एक घर से सात लोगों, जिनमें से दो बच्चे थे, के जले हुए शव बरामद किए गए। आठवें व्यक्ति की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। राज्य पुलिस ने कहा कि हिंसा को लेकर 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह तृणमूल कांग्रेस के पंचायत नेता भादु शेख की हत्या का प्रतिशोध होने का संदेह है, जिसका शव सोमवार को मिला था।
जांच के लिए एसआईटी गठित
मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। बंगाल के शीर्ष पुलिस अधिकारी मनोज मालवीय ने कहा, "हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि घरों में आग कैसे लगी और क्या यह घटना पड़ोसी बरशाल गांव के पंचायत उप प्रमुख की मौत से संबंधित है।" स्थानीय पुलिस के दो अधिकारियों- अनुमंडल पुलिस अधिकारी और रामपुरहाट के अंचल निरीक्षक को हटा दिया गया है।
टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी लेगा
राज्य के मंत्री फिरहाद हाकिम के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को देखने के लिए रामपुरहाट जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल इस घटना की एक विस्तृत रिपोर्ट भी टीएमसी प्रमुख को देगा।
बंगाल बीजेपी ने शाह से की हस्तक्षेप की मांग
बंगाल भाजपा की एक टीम ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उनके हस्तक्षेप की मांग की है। उधर, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को घटना का जायजा लेने के लिए भेजने का फैसला किया है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले राज्य पार्टी प्रमुख सुकांत मजूमदार भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग टीम का हिस्सा होंगे। टीम में चार पूर्व पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
टीएमसी ने घटना से किया इनकार
तृणमूल कांग्रेस ने हिंसा में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "हम उन मौतों की निंदा करते हैं जो लगता है कि एक आकस्मिक आग के कारण हुई हैं। यह हमारी पार्टी के नेता थे जो कल रात मारे गए थे।"
हिंसा के मुद्दे पर ममता व राज्यपाल भिड़े
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच फिर आमना-सामना हुआ है। श्री धनखड़ ने इस घटना को "भयानक हिंसा और आगजनी का तांडव" और "राज्य में कानून और व्यवस्था की नाक में दम करने का संकेत" कहा है। सुश्री बनर्जी ने एक पत्र के साथ पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि निष्पक्ष जांच का मार्ग प्रशस्त करने के बजाय व्यापक और अनावश्यक बयान देना बेहद अनुचित है। उन्होंने राज्यपाल से अनुचित बयान से परहेज करने का अनुरोध किया।
लोकसभा, विधानसभा में भी गूंजा मुद्दा
इस मामले की गूंज लोकसभा व राज्य विधानसभा में भी सुनाई दी है। भाजपा नेताओं ने सदन में मुख्यमंत्री से बयान की मांग की। भाजपा के 22 विधायकों ने वॉकआउट किया। पार्टी नेता सुवेंदु अधिकारी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चों को जिंदा जलाने की ऐसी भयावह घटनाएं हो रही हैं।
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