
Justice BR Gavai 52nd Chief Justice Of India: जस्टिस बी.आर. गवई ने सुप्रीम कोर्ट के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। वह भारत के पहले बौद्ध और आज़ादी के बाद दलित समुदाय से आने वाले दूसरे मुख्य न्यायाधीश बने हैं। उनका कार्यकाल करीब छह महीने का होगा।
तय नियम के मुताबिक, 16 अप्रैल को तब के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने जस्टिस बी.आर. गवई का नाम केंद्र सरकार को अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने के लिए सुझाया था। जस्टिस गवई करीब छह महीने तक इस पद पर रहेंगे और 23 दिसंबर को 65 साल की उम्र पूरी होने पर रिटायर हो जाएंगे। वह जस्टिस खन्ना के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं।
न्यायमूर्ति गवई का जन्म 24 नवंबर को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उन्हें 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। वे दिवंगत आर.एस. गवई के बेटे हैं, जो बिहार और केरल के राज्यपाल रह चुके हैं।
जस्टिस बी.आर. गवई को 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने न्यायिक करियर की शुरुआत 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और पणजी की पीठों पर भी अपनी सेवाएं दीं।
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सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई में हिस्सा लिया। अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करने वाली पांच जजों की संविधान पीठ में वे शामिल थे। इसके अलावा, वे उस बेंच का भी हिस्सा रहे जिसने राजनीतिक फंडिंग के लिए लाई गई इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार दिया। साथ ही, नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई करने वाली बेंच में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
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