
नई दिल्ली. देश में कोरोना का कहर जारी है। वहीं, कई राज्य वैक्सीन की कमी की शिकायतें भी कर रहे हैं। ऐसे में सभी का सवाल है कि रूसी वैक्सीन Sputnik V बाजार में कब आएगी। या सरकार अन्य कंपनियों के साथ Covaxin का फॉर्मूला क्यों शेयर नहीं कर रही। आईए जानते हैं कि इन सब पर सरकार ने क्या कहा?
Sputnik V कब से लगेगी
नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अगले हफ्ते से लोगों को स्पुतनिक वी का टीका लगाया जाने लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस वैक्सीन का उत्पादन जुलाई से भारत में होगा। उन्होंने बताया कि स्पुतनिक वी भारत पहुंच गई है। हमें उम्मीद है कि अगले हफ्ते से यह बाजार में उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा, अगले हफ्ते से वैक्सीन की सीमित मात्रा में बिक्री शुरू हो जाएगी।
ये विदेशी वैक्सीन भी होंगी उपलब्ध
वीके पॉल ने बताया कि सरकार ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि देश में 18 साल और इससे ज्यादा उम्र की आबादी 95 करोड़ है। सबकी दोनों डोज मिलाकर करीब 2 अरब डोज की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि अगस्त से सितंबर तक वैक्सीन की उपलब्धता देखें तो कुल 216 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्द होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कोविशील्ड की 75 करोड़, कोवैक्सीन की 55 करोड़, बायो ई सब यूनिट वैक्सीन की 30 करोड़ डोज, जायडस कैंडिला डीएनए की 5 करोड़ डोज, नोवावैक्सीन की 20 करोड़ डोज, भारत बायोटेक नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ डोज , स्पुतनिक की 15 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध होंगी। इसके अलावा अन्य विदेशी वैक्सीन भी बाजार में होंगी।
दूसरी कंपनियां क्यों नहीं बना रहीं कोवैक्सीन वैक्सीन
वीके पॉल ने दूसरी कंपनियों को कोवैक्सीन के फॉर्मुला देन के सवाल पर कहा कि कंपनी ने इस मांग का स्वागत किया है। हमने इसके लिए दूसरी कंपनियों से भी बात की है। लेकिन खास बात ये है कि इस वैक्सीन में लाइव वायरस को इनएक्टिव करने के लिए बीएसएल थ्री लेवल की लैब की जरूरत है। यह लैब अभी किसी अन्य कंपनी के पास नहीं है। लेकिन सरकार ने कहा है कि जो कंपनियां ऐसी लैब बनाकर जुड़ने के लिए तैयार हैं, उनके लिए खुला ऑफर है।
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