
नई दिल्ली. कोरोना की वजह से संसद का शीतकालीन सत्र नहीं होगा। संसद अगले साल जनवरी में बजट सत्र के लिए बैठक करेगी। इसकी पुष्टि संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को दिए अपने जवाब में की।
शीतकालीन सत्र में कृषि कानूनों पर चर्चा की मांग की गई थी
अधीर रंजन चौधरी ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को एक पत्र भेजा था, जिसमें मांग की गई थी कि सितंबर में मानसून सत्र के दौरान पारित तीन कृषि बिलों पर किसानों के विरोध के मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का एक छोटा शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाए। इसी पत्र के बाद सरकार ने जवाब दिया।
"सरकार जल्द से जल्द बजट सत्र शुरू करने के लिए तैयार"
सरकार ने कहा है कि पार्टी के जिन नेताओं ने कोविड -19 महामारी की स्थिति के कारण शीतकालीन सत्र को रोकने के पक्षधर थे उनसे सलाह ली। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि सरकार बजट सत्र को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए तैयार है।
पिछले दो सालों में संसद का बजट सत्र जनवरी में शुरू हुआ था - 2018 में 28 जनवरी और 2019 में 31 जनवरी को शुरु हुआ।
जुलाई की बजाय सितंबर में शुरू हुआ था मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र को कोरोनावायरस के कारण देरी हुई और जुलाई के बजाय सितंबर में आयोजित किया गया। कोविड -19 स्थिति के कारण इसे 10 दिनों के लिए कम कर दिया गया था। इससे पहले देश में कोविड -19 के कारण संसद के बजट सत्र में कटौती करनी पड़ी थी।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.