
नई दिल्ली. तेलंगाना में तहसीलदार विजया रेड्डी की मौत एक दिन के भीतर ही उनके ड्रायवर गुरुनाथम की मंगलवार सुबह मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुनाथम महिला तहसीलदार को बचाने में 80 प्रतिशत जल गया था। बताया जा रहा है कि मृतक का इलाज हैदराबाद में कंचनबाग के अपोलो डीआरडीओ अस्पतालों में किया जा रहा था। खबरों के मुताबिक मृतक की गर्भवती पत्नी और एक 2 साल का बेटा है।
कंबल से बुझाई थी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के बताया कि उन्होंने तहसीलदार कार्यालय में एक छोटा विस्फोट सुना, फिर महसूस हुआ कि किसी व्यक्ति को आग लगा दी गई है, और वह व्यक्ति तहसीलदार के चैंबर के ठीक बाहर ही आकर गिरा। वहां मौजूद ड्रा्यवर गुरुनाथम और अटेंडर ने हस्तक्षेप किया, और कंबल की मदद से आग बुझाई। आग बुझाने के बाद पता चला कि पीड़ित खुद तहसीलदार विजया रेड्डी थी। इसी बीच गुरुनाथम भी बुरी तरह झुलस गया था।
ये है मामला
रंगारेड्डी जिले में एक महिला तहसीलदार को सोमवार को जिंदा जला दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक के सुरेश नाम का शख्स तहसीलदार ऑफिस में आया और विजया नाम की तहसीलदार पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। मौजूद कर्मचारियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम साबित हुए।
आरोपी के सुरेश ने लगाई थी आग
के सुरेश के रूप में पहचाने गए संदिग्ध ने बाद में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। राचकोंडा के आयुक्त महेश एम भागवत ने कहा, 1.40 बजे के आसपास गौरेलाई गांव का रहने वाला सुरेश तहसीलदार विजया रेड्डी के कमरे में चला गया। फिर उसने पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी।
विवाद की वजह थी जमीन
आरोपी के सुरेश ने पूछताछ में बताया कि जमीन से जुड़े विवाद के चक्कर में उसने ऐसा किया। उसने बताया कि आउटर रिंग रोड के पास बछाराम गांव में सात एकड़ जमीन का मालिक है। लेकिन उसी जमीन को लेकर कुछ विवाद है। उसी को लेकर वह तहसीलदार से गुस्सा था
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