
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें बकरीद से पहले बड़े पशुओं के वध पर सख्त नियम लागू किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की बेंच ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार का आदेश 2018 के पुराने अदालत निर्देशों के अनुरूप है। नए नियमों के तहत सांड, बैल, गाय, बछड़े और भैंस के वध से पहले डॉक्टर का फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा, जिसमें यह साफ लिखा होना चाहिए कि पशु अब खेती या माल ढोने के काम के योग्य नहीं है। बिना प्रमाण पत्र के वध की अनुमति नहीं होगी और यह प्रक्रिया केवल मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही की जा सकेगी।