
स्कूल ठीक करो अभियान के तहत कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता तमाम स्कूलों में जाकर सिस्टम की पोल खोल रहे हैं। इसी कड़ी में जब अभिजीत दीपके एक स्कूल पहुंचे तो उन्होंने झोलझाल देखकर खुद अपना ही माथा पकड़ लिया। दरअसल यहां मौजूद स्कूल के बच्चों ने बताया कि वह स्कूल के हैं ही नहीं। उन्हें डमी के तौर पर यहां बुलाकर बैठा दिया गया है जिससे सबकुछ चंगा नजर आए। दरअसल अभिजीत जब बच्चों से पूछते हैं बाकी लोगों के बैग कहा हैं तो बच्ची कहती है बैग तो हमारे स्कूल में है। फिर दीपके सवाल करते हैं यह तुम्हारा स्कूल नहीं है तो जवाब मिलता है कि यह हमारा स्कूल नहीं है। हमें यहां पर लाया गया है। वहीं एक और वीडियो में दीपके सरकारी सिस्टम की पोल खोलते नजर आते हैं। वीडियो में वह बताते हैं कि किस तरह से महज चंद घंटे पहले सालों से खस्ताहाल पड़ी व्यवस्थाओं को ठीक किया गया है। दिखाया गया कि किस तरह से एक दिन पहले ही जेसीबी आई और लाइट को भी ठीक किया गया। इसी के साथ खाने की प्लेट को भी बताया गया कि वह आज ही आईं हैं। यहां भी दूसरे स्कूल के बच्चों को बैठाया गया था।