
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बिना अनुमति के सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर नमाज़ पढ़ना सही नहीं है। कोर्ट का मानना है कि इससे लोगों को परेशानी हो सकती है और व्यवस्था बिगड़ सकती है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन यह काम ऐसे तरीके से होना चाहिए जिससे दूसरों को दिक्कत न हो।