
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दूसरी शांति वार्ता अब मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। पाकिस्तान में प्रस्तावित इस वार्ता को लेकर तेहरान के अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए धमकी दी है कि दबाव की राजनीति में बातचीत स्वीकार नहीं की जाएगी। हाल ही में अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी झंडे वाले जहाज को जब्त करने से तनाव और बढ़ गया है, जिसे ईरान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है। बुधवार को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इसके आगे बढ़ने की संभावना कम बताई, जबकि ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका बातचीत को “समर्पण” में बदलना चाहता है। इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने दो टूक कहा कि उनका देश धमकियों के साये में कोई वार्ता स्वीकार नहीं करेगा और पिछले दो हफ्तों में उसने युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने की तैयारी कर ली है, जिससे क्षेत्र में तनाव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।