
इजरायल में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इजरायली दूतावास की प्रवक्ता मिशेल सिरोटा ने चुनाव से पहले कहा कि करीब 73 लाख पात्र मतदाता अपने देश के भविष्य को तय करने के लिए वोट डालने वाले हैं। उन्होंने भारत और इजरायल के रिश्तों पर भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, दोनों देशों के संबंधों में बदलाव नहीं आएगा। भारत और इजरायल की चुनावी प्रक्रिया में अंतर बताते हुए उन्होंने सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता का भी जिक्र किया। तीन साल के युद्ध के बाद इजरायल के लोग क्या चाहते हैं? सुनिए उनका पूरा बयान।