शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार 27 जुलाई को पहली बार संसद पहुंचे। एक तरफ जहां एनडीए सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाए तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी नारेबाजी की। विपक्ष की ओर से अमित शाह जवाब दो का नारा लगाया गया। संसद परिसर में एक ही समय पर दो अलग-अलग नजारे देखने को मिले।