
इस वीडियो में डॉ. अंजू गुप्ता ने PCOD/PCOS के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब इस बीमारी को PMOS (Poly-Endocrine Metabolic Ovarian Syndrome) कहा जाने लगा है, क्योंकि यह केवल ओवरी की समस्या नहीं बल्कि हार्मोनल और मेटाबॉलिक विकारों से भी जुड़ी हुई है। वीडियो में बताया गया है कि मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, अनियमित जीवनशैली और तनाव इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। इसके कारण महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना, चेहरे पर बाल आना, वजन बढ़ना, बांझपन (Infertility), डायबिटीज, थायरॉयड और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। डॉ. गुप्ता ने समझाया कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और वजन कम करके PCOS/PMOS के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेना भी बेहद जरूरी है।