
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन के बाद देश की राजनीति में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच से कुछ ऐसी आवाज़ें उठीं, जिसने न सिर्फ मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं, बल्कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां तक को निशाने पर ले लिया। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और वीडियो संदेश सामने आया जिसने राजनीतिक पंडितों से लेकर आम जनता तक सबको हैरान कर दिया। जहां एक तरफ बदले की भावना और सख्त सजा की उम्मीद की जा रही थी, वहीं पीएम मोदी ने इसके उलट बेहद शांत और भावुक अपील की। उन्होंने कहा, "बचपन में गलतियां होती हैं, और बचपन ही उन गलतियों को सुधारने का मौका भी देता है। युवा होने का यही मतलब है।"