
देशभर में दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां रावण को ग्राम देवता और कुलदेवता के रूप में पूजा जाता है। इस गांव का नाम है रावण। यहां दशहरे पर रावण बाबा की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन होता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि शादी-विवाह से लेकर खेती और दूसरे शुभ कार्यों की शुरुआत भी रावण बाबा की पूजा के बाद ही होती है। आखिर इस गांव में रावण की पूजा की परंपरा कैसे शुरू हुई और यहां की मूर्ति कितनी पुरानी है? जानिए इस खास रिपोर्ट में।