पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद से राज्य में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने टीएमसी की पहचान माने जाने वाली विश्व बांग्ला लोगों को सभी प्रशासनिक और सरकारी जगहों से हटाने का काम शुरू कर दिया है. सभी सरकारी और सार्वजनिक जगहों पर विश्व बांग्ला के लोगों की जगह अशोक स्तंभ स्थापित किया जा चुका है...इस बदलाव का सबसे बड़ा असर कोलकाता के प्रतिष्ठित साल्ट लेक स्टेडियम में देखने को मिला, जहां 'विश्व बांग्ला' के साइनेज हटाकर अशोक स्तंभ लगाया गया है.