
भाजपा नेत्री केया घोष ने TMC के अंदरूनी कलह पर कहा, "(TMC नेताओं ने)चुनाव से पहले कम से कम 15 से 16 बार 'ज्ञानेश कुमार को भगाओ' का नारा लगाया गया, ज्ञानेश कुमार को दोषी ठहराने के लिए इन लोगों ने संसद में हस्ताक्षर भी किए थे। अब वही ज्ञानेश कुमार ये फैसला सुनाएंगे कि किस गुट को पार्टी का चिन्ह मिलेगा। मुझे अच्छा लग रहा है। रिताब्रता बनर्जी की तृणमूल या ममता बनर्जी के तृणमूल, इनमें से किस तृणमूल को चुनाव चिन्ह मिलेगा यह चुनाव आयोग तय करेगा लेकिन ये सारा मामला तो पैसों का है। ममता बनर्जी 'नोट टू नोट' और 'वोट टू वोट' की राजनीति करती थीं जो सबको मालूम है...ये झगड़ा केवल पार्टी फंड को लेकर है..."