
पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है। इसे दिसंबर 2025 में शुरू किया गया था। इसके शुरू करने की उद्देश्य या मकसद की बात की जाए तो वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है।
अमेरिका को एक बार फिर से भारत की याद आई है। यह याद कोई रहमदिली नहीं बल्कि जरूरत है। अमेरिका अपनी तकनीकि सप्लाई चेन के लिए पूरी तरह से चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहता है। उसने चीन के बढ़ते तकनीकि ताकत से निपटने के लिए भारत को याद किया है। इसकी पुष्टि अमेरिकी विदेश उप सचिव आर्थिक मामले जैकब हेलबर्ग ने गुरुवार को की। जिसके बाद भारत फरवरी 2026 में पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होगा। वहीं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की इस समूह में एंट्री एक मील का पत्थर ही माना जा रहा है।