
Habeas Corpus याचिका के जरिए Swatantra Bhardwaj की तरफ से Court में नई मांग रखी गई है। मांग की गई है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। स्वतंत्र भारद्वाज के वकील का कहना है कि उनके पिता को एफआईआर की कॉपी तक पुलिस के द्वारा नहीं दी गई है। कई घंटों तक उन्हें बैठाकर रखा गया लेकिन एफआईआर की कॉपी तक मुहैया नहीं करवाई गई।