
भारतीय सिनेमा में 'दोस्ती' सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि फिल्मों की जान रही है। 'शोले' के जय-वीरू की जान देने वाली यारी से लेकर '3 इडियट्स' के फैन और इमोशन तक, बॉलीवुड में हर दौर में दोस्ती के अलग-अलग रंग हैं। इस वीडियो में हम एक्सप्लोर कर रहे हैं कि कैसे हिंदी सिनेमा में दोस्ती के मायने बदले जाते हैं- चाहे वो 'दिल चाहता है' और 'जिंदगी नाफ्रेम' में दोस्ती हो, या 'रंग दे बसंती' में क्रांति की वजह बनने वाला याराना