
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों को निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूली छात्राओं को मुफ्त में बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड मिलें। इसी के साथ स्कूलों में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया गया। कहा गया कि टॉयलेट दिव्यागों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाएं जाएं।