वहीं, किरण रिजीजू ने जवाब देते हुए कहा, 'चर्चा के लिए टाइम दिया गया है। बाहर कहते हैं कि ससंद में बोलने नहीं दिया जाता। यहां हम हाथ जोड़-जोड़कर कहते हैं बोलिए तो मानते नहीं हैं। इस बिल पर देश के लोग चर्चा सुनना चाहते हैं। मैं खड़गे जी से अनुरोध करता हूं कि आप अपने सांसदों को समझाएं। आप लोग खुद चर्चा नहीं करने दे रहे हैं।